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हदीस: ख़ुला (तालाक) लियाने वली औरते मुनाफ़िक हैं

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बिस्मिल्लाहिर रहमानिर्रहीम -------------   ✦ सोबान रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम  ने फरमाया खुला (तलाक़) लेने वाली औरतें मुनाफ़िक़ हैं , जो औरतें अपने शोहर से बिना किसी वजह से खुला (तलाक़) लेती हैं वो जन्नत की खुश्बू भी नही पा सकेगी जामिया तीर्मिजी , जिल्द 1 , #1188, 1189-सही -------------  

स्थिति: शराब को दिल (काला) बिंदु में रखा जाता है

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* बिस्मिल्लाहर रहीमर * ------ ✦ रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम  ने फरमाया कोई क़सम खाने वाला अगर क़सम खाए और फ़ैसला उसी क़सम पर होने वाला हो, फिर वो उस क़सम में मच्छर के पर के बराबर भी झूठ शामिल कर दे तो उसके दिल में एक (काला) नुक़ता डाल दिया जाता है जो क़यामत तक बाक़ी रहेगा जामिया तिरमिज़ी जिल्द 2, 939-सही

सख्त और परेशानी के वकत की दुआ

बिस्मिल्लाहिर रहमानिरहिम ---------- ✦ अनस रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह साल-अल्लाहू अलैही वसल्लम  पर जब कोई सख्ती या परेशानी पेश आ जाती तो आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम  ये दुआ फरमाते   يَا حَىُّ يَا قَيُّومُ بِرَحْمَتِكَ أَسْتَغِيثُ  या हय्यू या क़य्यूम, बी-रहमतिका अस्तगीस  एह ज़िंदा हमेशा क़ायम रहने वाले तेरे रहमत के वसीले से फ़रियाद करता हूँ  जामिया तिरमिज़ी , जिल्द 2,1451-हसन --------------------

आस्तिक से दूसरे आस्तिक के कारण छह चीजें हैं:

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बिस्मिल्लाहिर रहमानिरहिम ------ ✦ रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया मोमीन के मोमीन पर 6 हुक़ूक़ है 1. जब बीमार हो तो उसकी अयादत करें 2. जब मौत हो जाए तो उसके जनाज़े में शरीक हो 3. जब दावत करें तो क़ुबूल करें 4. जब मिले तो सलाम करें  5. जब उसे छींक आए तो उसकी छींक का जवाब दे  6. उसकी मौजूदगी और गैर मौजूदगी में उसका भला चाहे  जामिया तिरिमिज़ी, जिल्द 2 , 632-हसन

दुआ संकट के समय पढ़ने के लिए दुआ

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------------ ✦ अल क़ुरान : जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल का हुक्म माना , इसके बावजूद के उन्हे ज़ख़्म लगे हुए थे , जो उनमें से नेक और परहेजगार हुए उनके लिए बड़ा अजर है , जिन्हे (मुनाफ़िक़) लोगों ने कहा की लोगों ने (मुशरिकों और काफिरों ने ) तुम्हारे मुक़ाबले के लिए सामान जमा किया है , इसलिए तुम उनसे डरो तो (ये सुनकर) उनका ईमान और ज़्यादा हो गया और वो कहने लगे की हसबुनअल्लाहु वा निमल वकील  ( हमको अल्लाह काफ़ी है और वो बेहतरीन कारसाज़ है) सुराह आल-ए-इमरान , आयात 172-173 ✦ हदीस : अबू सईद खुदरी रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया मैं किस तरह आराम करू जबकि उसने(इसराफिल अलैही सलाम ने) सूर में मुँह लगाया हुआ है और उनके कान अल्लाह सुबहानहु के हुक्म के मुन्तज़िर हैं की वो कब फूँकने का हुक्म दे दे और वो फूँक दे, ये बात सहाबा रदी अल्लाहू अन्हु के दिल पर सख़्त (गमनाक) गुज़री तो आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया तुम कहो  हसबुनअल्लाह वा निमल वकील अलअल्लाहि तव्क्कलना  ( हमको अल्लाह काफ़ी है और वो बेहतरीन कारसाज़ है और ...

दीन ए इस्लाम पर कायम रहने की दुआ

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  बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ---------- ✦ शाहर बिन हौशब रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की मैने उम्म सलमा रदी अल्लाहू अन्हा से पूछा की  एह उम्मुल मोमीनीन रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वासल्लं आपके पास जब रहते तो अक्सर कौनसी दुआ किया करते थे , उन्होने जवाब दिया  يَا مُقَلِّبَ الْقُلُوبِ ثَبِّتْ قَلْبِي عَلَى دِينِكَ या मुक़ल्लिबल क़ुलुब सब्बित क़लबी अला दीनक एह दिलों को फेरने वाले मेरे दिल को तेरे दीन पर क़ायम रख  फिर फरमाने लगी की मैने रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम से अर्ज़ किया की आप अक्सर यही दुआ क्यूँ किया करते हैं ,  आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया एह उम्म सलमा रदी अल्लाहू अन्हा कोई शख्स ऐसा नही की उसका दिल अल्लाह की दो उंगलियो के बीच में ना हो  वो जिसको चाहता है (हक़ पर) क़ायम रखता और जिसको चाहता है टेढ़ा कर देता है (इसलिए हमको ये दुआ माँगते रहना चाहिए) जामिया तिरमिज़ी, जिल्द 2, 1446 –सही

अल्लाह के स्मरण के बिना बहुत ज्यादा बात मत करो।

✦  रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया अल्लाह के ज़िक्र के सिवा बहुत ज़्यादा बातें करने से बचो क्यूंकि अल्लाह के ज़िक्र  के सिवा ज्यादा बात करना दिल को सख़्त बना देता है और लोगो में अल्लाह सुबहानहु से सबसे ज़्यादा दूर  सख़्त दिल वाला होगा जामिया तिरमिज़ी , जिल्द 2, 298-हसन  ---- GREE GroupM Guru Media HealthiNation Hearst Digital Media Hybrid icontext   Ignite Video ikoo IMT Independent Traveler Inneractive Innity InPowered Inspired Mobile Interactive Media Sales Interactive One InterCLICK Internet Brands iPromote IQM Kapanlagi KPI Solutions Lee Enterprise Liftoff Liquidus Local Corporation Longtail LookSmart Lotame Madhouse Mobile Magnetic Manta Media Mars Technologies Media City Media Decision MediaNews Group MediaScience ediasmart MediaWorks Micro Microsoft w/ AppNexus Millennial Media Mobile Theory Motricity Net Edge Netmining Neustar Nirvana Information donate a car donate cars car donations car donation onate your car automobile donati...

जन्नत के कामरे (कमरा)

✦  हज़रत अली रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैहि वसल्लम ने  फरमाया जन्नत में ऐसे कमरे हैं जिनका बाहर का हिस्सा अंदर से और अंदर का हिस्सा बाहर से नज़र आएगा. (ये सून कर) एक आराबी ने खड़े हो कर अर्ज़ किया या रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैहि वसल्लम वो किसके लिए हैं ? तो आप सलअल्लाहू अलैहि वसल्लम ने फरमाया जो अच्छी बात करे, खाना खिलाए, अक्सर रोज़ रखे और अल्लाह की रज़ा के लिए रात में उस वक़्त नमाज़ पढ़े जब लोग सो गए  हों  जामिया तिर्मीज़ी, जिल्द 1, 2048-हसन  ------------- advertising online marketing business marketing small business marketing internet marketing online advertising advertising online business advertising pay per click free internet advertising website advertising online internet advertising banner advertising internet web site marketing local advertising advertising campaign business marketing   advertising advertising website marketing online marketing service autos buy car online cars for sale cadillac escal...

रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम के पास दो आदमियों को छींक आई तो

✦ रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम  के पास दो आदमियों को छींक आई तो आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने एक की छींक पर  दुआ दी (यानि यरहमकअल्लाह कहा) और दूसरे की छींक का आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने जवाब नहीं  दिया तो उसने कहा या रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम आप ने उसकी छींक पर  दुआ दी और मेरी छींक पर आप ने मुझे ये दुआ नही दी रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया  उसको छींक आई तो उसने अल्लाह सुबहानहु की हम्द बयान की और आपको  छींक आई तो आपने अल्लाह सुबहानहु की हम्द बयान नहीं की जामिया तिरमिज़ी , जिल्द 2 , 640-सही ------
✦ अनस रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जो शख्स किसी मां को उसके बच्चे से जुदा करेगा अल्लाह सुबहानहु क़यामत के दिन उसको उसके महबूब लोगो से जुदा कर देगा  जामिया तिरमिज़ी , जिल्द 1, 1291-हसन  -------

मोमीन

✦ रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया कोई बंदा उस वक़्त तक मोमीन नही हो सकता जब तक वो चार चीज़ो पर ईमान ना ले आए अल्लाह वाहदहु ला शरीक पर,  मेरे (यानी मुहम्मद ﷺ के) अल्लाह के रसूल होने पर , मौत के बाद ज़िंदा होने पर और तक़दीर पर सुनन इब्न माज़ा, जिल्द 1, 81-सही --------- ✦ रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया कोई बंदा तब तक मोमीन नही हो सकता जब तक उसके वालिद और उसकी औलाद और तमाम लोगों से ज़्यादा उसके दिल में मेरी मुहब्बत ना हो जाए सही बुखारी, जिल्द 1, 15 --------- ✦ रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया कोई बंदा तब तक मोमीन नही हो सकता जब तक अपने भाई या पड़ोसी के लिए वही पसंद ना करने जो अपने लिए करता है सही मुस्लिम, जिल्द 1, 171 --------- ✦ रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया कोई बंदा उस वक़्त तक मोमीन नही हो सकता जब तक अच्छी और बुरी तक़दीर पर ईमान ना लाए यहाँ तक की वो ये यकीन ना कर ले की जो चीज़ उसको मिलने वाली थी वो उसको ही मिली किसी और के पास नही जा सकती थी और जो चीज़ उसको नही मिलने वाली थी वो किसी भी सूरत में उसको नही मिल सकती थी  जामिया तिरमिज़ी , जिल्द 2, हदीस 15-हसन

Ask Allah for pardon and Al-Aafiyah (well being), for

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✦ The Prophet Sal-Allahu Alaihi Wasallam said - Ask Allah for pardon and Al-Aafiyah (well being), for verily, none has been given anything better than Al-Afiyah after yaqeen. Jamia Tirmizi,Book 46,3558-Sahih ✦ The Prophet Sal-Allahu Alaihi Wasallam nev er abandoned these supplications, every morning and evening اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْعَفْوَ وَالْعَافِيَةَ فِي الدُّنْيَا وَالآخِرَةِ Allahumma inni Asalukal-Afwa Wa Al-Aafiyah fid-dunya wa Al-Aakhirah O Allah, I ask You for forgiveness and Al-Aafiyah (well-being) in this world and in the Hereafter. Sunan Ibn maja,Book 34,3871-Sahih(Part) __._,_.___

अल्लाह सुबहानहु से मगफिरत और आफ़ियत माँगा करो,

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✦ रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया अल्लाह सुबहानहु से मगफिरत और आफ़ियत माँगा करो, क्यूंकि यक़ीन के बाद आफ़ियत से बेहतर कोई चीज़ किसी को नहीं दी गयी  जामिया तिरिमिज़ी , जिल्द 2, 1482-सही ✦ इब्न उमर रदी अल्लाहु अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम सुबह और शाम को ये दुआ माँगना कभी नहीं छोड़ा यानि रोज़ाना सुबह और शाम में इसको पढ़ा करते थे  اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْعَفْوَ وَالْعَافِيَةَ فِي الدُّنْيَا وَالآخِرَةِ Allahumma inni Asalukal-Afwa Wa Al-Aafiyah fid-dunya wa Al-Aakhirah अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुकल-अफ़वा वा अल-आफ़िया फीद दुनिया वा अल आखिरा  या अल्लाह मैं तुझसे दुनिया और आखिरत में मगफिरत और आफ़ियत मांगता हूँ  सुनन इब्न माजा , जिल्द 2 , 1482-सही --------------

अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया की

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हदीस : अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम  ने फरमाया की क़यामत के दिन अल्लाह सुबहानहु   मेरी उम्मत में से एक शख्स को अलग करेगा और उसके गुनाहो के 99 दफ़्तर खोले जाएँगे, हर दफ़्तर इतना बड़ा होगा जहा तक  इंसान की नज़र पहुचती है , फिर अल्लाह   सुबहानहु    फरमाएँगे की क्या तुझे इसमें से किसी बात (गुनाह) का इनकार है , क्या मेरे लिखने  वाले    मुहाफ़िज़ फरिश्तों  ने तुझ पर ज़ुल्म किया है ? वो अर्ज़ करेगा नही या रब्ब , फिर अल्लाह    सुबहानहु    फरमाएँगे की हमारे पास तेरी एक  नेकी है आज तुझ पर ज़ुल्म नही होगा फिर काग़ज़ का एक टुकड़ा निकाला जाएगा जिस पर  أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ अशहदु  अल्ला ईलाहा  इल-अल्लाहू, वा अश्-हदू  अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू वा रसुलूह  लिखा हुआ होगा , अल्लाह  सुबहा...