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तलाक देने का सुन्नत तरीका

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बिस्मिल्लाहिर रहमानिर्रहीम ------------- ✦ हज़रत अब्दुल्लाह रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की तलाक़ का सुन्नत तरीक़ा ये है की इंसान बगैर जमा (सोहबत) किए औरत को पाकी की हालत में तलाक़ दे दे फिर जिस वक़्त उसको हैज़ आ जाए और वो औरत पाक हो जाए तो उस वक़्त उसको दूसरी तलाक़ दे फिर जिस वक़्त  उसको दोबारा हैज़ आ जाए और वो पाक हो जाए तो तब उसको एक और (यानी तीसरी) तलाक़ दे फिर उसके बाद औरत एक हैज़ की ईद्दत गुज़ारे  हज़रत अल-आमश रदी अल्लाहू अन्हु फरमाते हैं की मैने हज़रत इब्राहिम रदी अल्लाहू अन्हु से पूछा तो उन्होने भी इसी तरह बयान किया सुनन नसाई, जिल्द 2, 1333-हसन ✦ महमूद बिन लबिद रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया एक शख़्श ने अपनी बीवी को एक ही बार में तीन तलाक़ दे दी, ये बात सुनकर रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम खड़े हुए और गुस्से में फरमाया ये क्या अल्लाह  की किताब के साथ खेल हो रहा है जबकि मैं अभी तुम लोगो के बीच मोजूद हूँ , ये बात सुनकर एक शख्स खड़ा हुआ और अर्ज़ की , या रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम क्...

दोज़ाख की आग कहती है या अल्लाह इस्को दर्जन की आग से मेहफूज़ फार्मा

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बिस्मिल्लाहिर रहमानिरहिम ------------ ✦ अनस बिन मलिक रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जो शख्स 3 बार दोज़ख़ की आग से पनाह माँगता है तो दोज़ख़ की आग कहती है  या अल्लाह इसको दोज़ख़ की आग से महफूज़ फरमा  सुनन नसाई, जिल्द 3, 1822–सही ✦ अल्लाहुम्मा अजिरनी मिनन नार  ✦ अल्लाहुम्मा अजिरनी मिनन नार  ✦ अल्लाहुम्मा अजिरनी मिनन नार  ✦ या अल्लाह मुझे दोज़ख की आग से मेहफूज़ फरमा ---------------

जब बारिश होती तो

✦ आईशा रदी अल्लाहू अन्हा से रिवायत है की जब बारिश होती तो रसूल-रसूल अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ये दुआ फरमाते اللَّهُمَّ اجْعَلْهُ صَيِّبًا نَافِعًا अल्लाहुम्मअजअलहु सय्यिबन नाफीया एह अल्लाह ऩफा बख्शने वाली बारिश बरसा सुनन नसाई, जिल्द 1, 1526-सही -------------  bathroom remodeling decking concrete coating bathroom ideas basement waterproofing painting concrete house paint color schemes garage floor coverings concrete flooring concrete cutting paints Belgacom fishing vacation InPowered Kapanlagi hotel reservations cheap hotel rates cheap hotel hotels cheap hotels cheap travel discount flights hotels search cheap hotel deals  priceline.com vacations vacation packages discount hotels hotel deals bed and  breakfast motels travel deals last minute travel deals saepio marketing resource management online ad maker video digital asset management website advertising software brand marketing digital asset management brand marketing solution brand mar...

जो शख्स 3 बार दोज़ख़ की आग से पनाह माँगता है

✦ अनस बिन मलिक रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जो शख्स 3 बार दोज़ख़ की आग से पनाह माँगता है तो दोज़ख़ की आग कहती है  या अल्लाह इसको दोज़ख़ की आग से महफूज़ फरमा  सुनन नसाई, जिल्द 3, 1822–सही ✦ अल्लाहुम्मा अजिरनी मिनन नार  ✦ अल्लाहुम्मा अजिरनी मिनन नार  ✦ अल्लाहुम्मा अजिरनी मिनन नार  ✦ या अल्लाह मुझे दोज़ख की आग से मेहफूज़ फरमा --------------- GroupM Guru Media HealthiNation Hearst Digital Media Hybrid icontext   Ignite Video ikoo IMT Independent Traveler Inneractive Innity InPowered Inspired Mobile Interactive Media Sales Interactive One InterCLICK Internet Brands iPromote IQM Kapanlagi KPI Solutions Lee Enterprise Liftoff Liquidus Local Corporation Longtail LookSmart Lotame Madhouse Mobile Magnetic Manta Media Mars Technologies Media City Media Decision MediaNews Group MediaScience ediasmart MediaWorks Micro Microsoft w/ AppNexus Millennial Media Mobile Theory Motricity Net Edge Netmining...

नमाज में पाधे जेन वाला ताशहुद (अटठियायत)

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✦ तर्जुमा: तमाम इबादतें अल्लाह के लिए है और तमाम नमाजें और अच्छी बातें (भी अल्लाह के लिए है) , आप पर सलाम हो एह नबी (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) और अल्लाह की रहमतें और उसकी बरकतें नज़िल हों, हम पर (भी) सलाम हो  और अल्लाह के सभी नेक बन्दों पर (भी सलाम), मैं गवाही देता हूँ की अल्लाह के सिवा कोई माबूद नही और गवाही देता हूँ की मुहम्मद (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) उसके बंदे और रसूल हैं. सही बुखारी जिल्द 2, 1202 ******* ******* इब्न अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम हमको तशहहूद (अततहियात) इस तरह सिखाते थे जिस तरह कुरान की सूरत सिखाते थे  सुनन नसाई , 1281-सही GREE GroupM Guru Media HealthiNation Hearst Digital Media Hybrid icontext   Ignite Video ikoo IMT Independent Traveler Inneractive Innity InPowered Inspired Mobile Interactive Media Sales Interactive One InterCLICK Internet Brands iPromote IQM Kapanlagi KPI Solutions Lee Enterprise Liftoff Liquidus Local Corporation Longtail LookSmart Lotame Madhouse Mobile M...

आयशा रदी अल्लाहू अन्हा से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया

✦ आयशा रदी अल्लाहू अन्हा से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया  जो भी शख्स रात को (तहज्जूद) नमाज़ पढ़ा करता हो और  किसी रात नींद की वजह से वो ना पढ़ सके तो अल्लाह सुबहानहु उसके लिए उस नमाज़ का अजर लिख देता है और उसकी नींद उसके लिए सदक़ा बन जाती है सुनन नसाई, जिल्द 1, 1787-सही

सही बुखारी, जिल्द 4, 3004

✦ अब्दुल्लाह बिन उमर रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की एक शख्स रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम की खिदमत में हाज़िर हुआ और आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम से जिहाद में जाने की इजाज़त मांगी तो आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने पूछा की क्या तुम्हारे माँ-बाप ज़िंदा हैं तो उसने कहा जी हाँ, तो आप सल-अल्लाहू अलैही वासल्लं ने फरमाया फिर तुम उनकी खिदमत करो सही बुखारी, जिल्द 4, 3004 ✦ मुआविया बिन जहिमाह रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की जहीमा रदी अल्लाहू अन्हु रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम के पास आए और अर्ज़ की या रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम मैने जिहाद में शामिल होने का इरादा कर लिया है और इसके लिए मैं आपका मशवरा चाहता हू आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया क्या तुम्हारी माँ ज़िंदा है उन्होने अर्ज़ की जी हाँ तो आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया तो फिर तुम उनकी खिदमत करो क्यूंकी जन्नत मा के क़दमो के नीचे है सुनन नसाई, जिल्द 2, 1016-सही ------------------------

अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है

✦ अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम से पूछा गया की बेहतरीन औरत कौनसी है आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फ़रमाया वो औरत जिसको उसका शोहर देखे तो वो उसको खुश कर दे . और जो हुक्म वो (शोहर) उसको दे तो वो उसकी फरमाबरदारी करे और अपने नफस और दौलत में उसके खिलाफ कोई काम ना करे सुनन नसाई , जिल्द 2 , 1143 सही ----------- ✦

इब्न अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है

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✦ इब्न अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया क्या मैं तुमको ऐसा शख्स ना बतलाऊ जो अल्लाह के नज़दीक सबसे बुरा इंसान है हमने अर्ज़ किया या रसूल-अल्लाह बतलाऊ जी हाँ बतलाईए , आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया ऐसा आदमी जिस से अल्लाह सुबहानहु के नाम का वास्ता देकर कुछ सवाल किया जाए (यानी उस से कुछ माँगा जाए) फिर भी वो ना दे  सुनन नसाई, जिल्द 2,480-हसन --------------------

अबू सईद खुदरी रदी अल्लाहू अन्हु

✦ अबू सईद खुदरी रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया तुम में से जो शख्स कोई बुरी बात देखे और उसको अपने हाथ से रोक दे तो वो शख्स (ज़िम्मे से) बरी हो गया, अगर उसमें इतनी ताक़त ना हो और वो ज़ुबान से रोके तो वो बरी हो गया , और अगर इतनी भी ताक़त ना हो तो वो दिल से बुरा समझे तो वो बरी हो गया , ये ईमान का सबसे कम दर्जा है. सुनन नसाई, जिल्द 3, 1310 –सही

सफवान बिन उमय्या रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है

✦ सफवान बिन उमय्या रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की ताऊन से मरने वाला , पेट के मर्ज़ से मरने वाला , पानी में डूब कर मरने वाला , और बच्चे की विलादत के वक़्त मरने वाली औरत ये सभी शहीद हैं इस हदीस के रावी ने कहा की ये हदीस अबू उसमान रदी अल्लाहू अन्हु ने काई बार रिवायत की है और एक बार ये भी कहा की ये रसूल-अल्लाह सललाल्लाहू अलैही वसल्लम का इरशाद है  सुनन नसाई, जिल्द 1, 2056-सही ✦ रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया शहीद की शफ़ाअत उसके घरवालों के 70 लोगों के हक़ में क़ुबूल की जाएगी सुनन अबू दाऊद, जिल्द 2, 750 -सही

सुनन नसाई, जिल्द 3, 1370-सही

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✦ अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया यहूद और नसारा खिज़ाब (डाई) नही करते तो तुम लोग उनके खिलाफ करो यानी खिज़ाब लगाओ  सुनन नसाई, जिल्द 3, 1370-सही ✦ जाबिर बिन अब्दुल्लाह रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की अबू क़ुहाफा रदी अल्लाहू अन्हु जिस साल मक्का फ़तेह हुआ आए, उनका सिर और दाढ़ी सगमा ( यानी एक तरह की घास) की तरह सफेद थी तो आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने उनकी औरतों को हुक्म दिया की इनकी सफेदी को बदल लो मगर काले रंग से बचना सही मुस्लिम, जिल्द 6, 5509  ✦ ईब्न अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया आखरी दौर में एक क़ौम होगी जो काले रंग का खिज़ाब करेगी कबूतरों के पीठों (या सीनों) की तरह , वो जन्नत की खुश्बू भी नही पा सकेगी सुनन नसाई, जिल्द 3, 1376-सही ✦ साबित रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की अनस रदी अल्लाहू अन्हु से पूछा गया की क्या रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने खिज़ाब किया था ? उन्होने कहा की अगर मैं चाहता तो आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम के सफेद बाल मुबारक गिन...

सही मुस्लिम ,

✦ उस्मान बिन हकीम अंसारी रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की उन्होने सईद बिन ज़ुबेर रदी अल्लाहु अल्लाहू अन्हु से रजब के रोज़ो के बारे में पूछा और ये सवाल रजब के महीने में ही किया तो उन्होने कहा की मैने इब्न अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से सुना की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहु अलैही वसल्लम (लगातार) रोज़ रखते थे और इतने रखते थे की हम समझते थे की अब ईफ्तार नही करेंगे , और ईफ्तार करते थे यहा तक की हम समझते अब रोज़े नही रखेंगे सही मुस्लिम , जिल्द 3 , 2726 ✦ अबू ज़र रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहु अलैही वसल्लम ने मुझे तीन बातो की वसीयत फरमाई जो मैं इन-शा-अल्लाह कभी नही छोडूंगा , पहला चाश्त (दूहा) की नमाज़ पढ़ने की और दूसरा सोने से पहले वित्र की नमाज़ अदा कर लेने की और तीसरा हर महीने 3 दिन रोज़ा रखने की सुनन नसाई, जिल्द 2, 315 -सही

सुनन अबू दाऊद

✦ क़तादा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम हमको अय्याम अल-बैद यानी हर महीने 13,14, और 15 तारीख के रोज़े रखने का हुक्म फरमाते और ये भी फरमाया की इसका सवाब इतना है जितना हमेशा रोज़ रखने का है   सुनन अबू दाऊद, जिल्द 2, 677 –सही ✦ ज़रीर बिन अब्दुल्लाह रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया हर माह में तीन रोज़े रखना हमेशा के (ज़िंदगी भर) रोज़े रखने के बराबर है, और चमकते हुए अय्याम अल बैद 13, 14, और 15 हैं (इनको अय्याम अल बैद इसलिए कहते हैं क्यूंकी इन रातो में चाँद की रोशनी एकदम सफेद और साफ़ होती है ) सुनन नसाई, जिल्द 2,331-सही ✦ अबू ज़र रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया अगर तुमको महीने में कभी भी रोज़ रखने हो तो 13,14 और 15 तारीख का रोज़ा रखो सुनन नसाई, जिल्द 2,335-हसन --------------

उसामा बिन ज़ैद रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की

✦ उसामा बिन ज़ैद रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की उन्होने रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम से पूछा की या रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम मैं आपको किसी और महीने में इतने रोज़े रखते हुए नही देखता जितने शाबान के महीने में , आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया ये महीना वो महीना जिसकी बरकत से लोग गाफील हैं , और रजब और रमज़ान के महीने के बीच में ये वो महीना है जिसमें आमाल अल्लाह सुबहानहु के पास उठाए जाते हैं और मेरी ख्वाहिश है की मेरा अमल उस वक़्त पेश हो जिस वक़्त मेरे रोज़ा हो सुनन नसाई, जिल्द 2, 268-हसन -----------