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अपने हाथ को उस स्थान पर रखें जहाँ आप अपने शरीर में दर्द महसूस करते हैं और कहते हैं

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बिस्मिल्लाहिर रहमानिर्रहीम -------------- ✦ उसमान बिन अबू अल-आस  रदी अल्लाहु अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहु अलैहि वसल्लम से उस दर्द का बयां किया जो उनके बदन में उस वक़्त  पैदा हो गया था  जब वो मुसलमान हुए थे , तो रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया तुम अपना हाथ दर्द वाली जगह पर रखो और 3 बार बिस्मिल्लाह कहो और उसके बाद 7 बार ये दुआ पढ़ो  أَعُوذُ بِاللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ आउज़ुबिल्लाही वा क़ुदरतीही मिन  शर्री मा अजिदु वा उहाज़िरू  ( तर्जुमा : पनाह में आता हूँ मैं अल्लाह सुबहानहु की और उसकी क़ुदरत की , उस चीज़ की बुराई से जिसको मैं अपने अन्दर महसूस करता हूँ और जिस से डरता हूँ ) सही मुस्लिम, जिल्द 5, 5737

एक बर सूरह अल-इखलास पधो और एक तइहि कुरान पैदने का साएब कामा लो क्यूंकी .....

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बिस्मिल्लाहिर रहमानिर्रहीम -------------- ✦अल क़ुरान : कुल हुवल्लाहु अहद अल्लाहुस-समद लम यलीद वा लम युलद वा लम यकुल्लाहू कुफुवान अहद  कह दो वो अल्लाह एक है, अल्लाह बेनीयाज़ है, ना उसकी कोई औलाद है और ना वो किसी की औलाद है, और उसके बराबर का कोई नही है  सुरह अल-इख्लास (112)  अबू दर्दा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फ़रमाया क्या तुम में से कोई इस बात से थक जाता है की हर रात एक तिहाई कुरान पढ़ ले सहाबा रदी अल्लाहु अन्हुमा ने अर्ज़ किया की तिहाई कुरान (एक रात में) कैसे पढ़ सकते हैं , आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फ़रमाया कुल हुवल्लाहु अहद ( सुरह ईखलास ) एक तिहाई कुरान के बराबर है  सही मुस्लिम , 1886 अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम हमारे पास आए और फरमाया मैं तुम्हारे सामने एक तिहाई क़ुरान पढता हूँ , फिर आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने क़ुल हुवल्लाहू अहद (सुराह अल-इख्लास) पढ़ी यहाँ तक की इस सुरह को ख़तम किया  सही मुस्लिम, 1889 -----------

नमाज के बाद पाधने की दुआ

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बिस्मिल्लाहिर रहमानिरहिम ------------- ✦ रसूल-अल्लाह ﷺ जब अपनी नमाज़ से फारिग होते तो 3 बार अस्तगफार पढ़ते (अस्तगफीरुल्लाह, अस्तगफीरुल्लाह,अस्तगफीरुल्लाह)और उसके बाद ये  दुआ पढ़ते  ✦अल्लाहुम्मा अन्तस सलाम वा मिनकस-सलाम. तबारकता या ज़ल-जलाली वल-इकराम. या अल्लाह तू ही अस-सलाम है और सलामती तेरी ही तरफ से है, तू बरकत वाला है, एह जलाल वाले और ईज्ज़त  बख्शने वाले  सही मुस्लिम, जिल्द 2, 1334 ----------------

उस्के गुनाह बख्श दी जाते हैं चहे समंदर के झग के बरबर क्यू ना हो

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बिस्मिल्लाहिर रहमानिरहिम --------------------  रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम  ने फरमाया जो हर नमाज़ के बाद 33  बार सुबहानअल्लाह 33  बार अलहम्दुलिल्लाह , 33  बार अल्लाहु अकबर कहे तो ये  99  कलमे होंगे और उसको ये कहकर  100  कर ले (1  बार)   ला ईलाहा ईलअल्लाह वाह्दहू ला शरीका लहू ,  लहू-ल-मुल्क वा लहू-ल-हम्द  वा हुवा आला कुल्ली शै ' इन क़दीर तो उसके गुनाह बख़्श दिए जाते हैं चाहे समुंदर के झाग के बराबर क्यूँ  ना हो सही मुस्लिम ,  जिल्द  2, 1352

वोज़ो के बेड़े

✦ अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू  ने फरमाया मेरा हौज़ आईला से आदान तक के फ़ासले से ज़्यादा बड़ा है और इस का पानी बर्फ से ज़्यादा सफ़ेद  और शहद से मिले दूध से ज़्यादा मीठा है और इस के बर्तन सितारों की तादाद से ज़्यादा है (ये सिर्फ़ मेरी उम्मत के लिए है इसलिए मैं (उम्मत के अलावा दूसरे) लोगों को उस से रोकुंगा जैसे आदमी अपने हौज़ से लोगों  के ऊँट को रोकता है सहाबा  रदी अल्लाहू अन्हुमा ने पूछा या रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैहि वसल्लम क्या उस दिन आप हमे पहचान लेंगे आप सलअल्लाहू अलैहि वसल्लम  ने फरमाया हाँ तुम्हारी एक निशानी होगी जो दूसरी किसी उम्मत की नही होगी , वो ये की तुम वज़ु के असर से चमकते हुए चेहरे और हाथ पाँव के साथ मेरे पास आओगे सही मुस्लिम जिल्द 1 , 581 ------- GREE GroupM Guru Media HealthiNation Hearst Digital Media Hybrid icontext   Ignite Video ikoo IMT Independent Traveler Inneractive Innity InPowered Inspired Mobile Interactive Media Sales Interactive One InterCLICK Internet Brands iPromote IQM Kapan...

अस्तगफिरुल्ला कहने का गुण (क्षमा मांगना)

✦ रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जिसने  ये कलिमत कहे तो उसके गुनाह माफ़ कर दिए जायेंगे चाहे वो मैदान ए जंग से भाग गया हो  أستغفر الله الذي لا إله إلا هو الحي القيوم وأتوب إليه अस्तगफिरुल्लाहल्लज़ी ला इलाहा इल्ला हुवा अल हय्युल-कय्यूम वा अतुबू इलैही  तर्जुमा : मैं अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांगता हूँ जिसके सिवा कोई इबादत के लायक नहीं जो जिंदा और हमेशा रहने वाला है और मैं उसी की तरफ तौबा करता हूँ  सुनन अबू दाऊद , जिल्द 1, 1504 -सही  ---------- ✦ रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जो अस्तिग्फार (तौबा) करने को अपने ऊपर लाजिम कर ले तो अल्लाह सुबहानहु उसको हर तंगी से निकलने का एक रास्ता अता फरमाएगा और हर गम से निजात देगा और ऐसी जगह से रोज़ी अता फरमाएगा जहाँ से उसको गुमान भी नहीं होगा  मुअज्जम अल कबीर तबरानी , सही  ---------- ✦ रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया एह लोगो अल्लाह सुबहानहु से तौबा करो, मैं दिन में 100 मर्तबा अल्लाह सुबहानहु से तौबा करता हूँ  सही मुस्लिम, जिल्द 6,68 --------...

गुस्से को नियंत्रित करने के लिए दुआ

✦ सुलेमान बिन शर्द रदी अल्लाहू अन्हु ने बयान किया की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम की खिदमत में बैठा हुआ था और क़रीब ही दो आदमी आपस में गाली गलोच कर रहे थे की एक शख्स का मुँह सुर्ख (लाल) हो गया और गर्दन की रगें फूल गयी  रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया की मुझे एक ऐसा कलमा मालूम है की अगर ये शख्स (या कोई और) उसको पढ़ ले तो इस का गुस्सा जाता रहेगा أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ ‏ आऊज़ुबिल्लाहि मीन अशशैतानीर्रजिम  तर्जुमा: मैं पनाह में आता हूँ अल्लाह की शैतान मरदूद से सही मुस्लिम, जिल्द 6, 6648  ✦ अल क़ुरान : जब तुम क़ुरान पढ़ने लगो तो शैतान मरदूद से अल्लाह की पनाह में आ जाया करो (यानी पहले आऊज़ूबिल्लाही -मिनअश-शैतानिर्रजिम पढ़ लिया करो)  सुराह अन-नहल (16), आयत 98 do it yourself toyota prius automotive auto repair land rover  pipes pistons scion xb saturn cars toyota mr2 brake rotors manuals auto mechanic toyota fj cruiser auto recalls vehicle recalls automobile hydraulics car amplifier old...

सही मुस्लिम, जिल्द 6 , 6225

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✦ ईमाम मलिक से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया मैं तुम में दो चीज़े छोड़ कर जा रहा हूँ जब तक तुम इसको पकड़े रहोगे गुमराह नही होंगे एक अल्लाह सुबहानहु की किताब और दूसरा उसके नबी ﷺ की सुन्नत. मलिक मूवत्ता, 2163-सही ✦ रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया मैं तुम्हारे बीच दो भारी चीज़ें छोड़ कर जा रहा हु एक तो अल्लाह की किताब है जिसमें हिदायत और नूर है तो अल्लाह की किताब को थामे रहो और इसको मज़बूती से पकड़े रहो और दूसरी चीज़ मेरे अहल-ए-बैत हैं मैं अल्लाह की याद दिलाता हूँ तुम्हे मेरे अहल-ए-बैत के मुताल्लिक़ सही मुस्लिम, जिल्द 6 , 6225 -----------------

मोमीन

✦ रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया कोई बंदा उस वक़्त तक मोमीन नही हो सकता जब तक वो चार चीज़ो पर ईमान ना ले आए अल्लाह वाहदहु ला शरीक पर,  मेरे (यानी मुहम्मद ﷺ के) अल्लाह के रसूल होने पर , मौत के बाद ज़िंदा होने पर और तक़दीर पर सुनन इब्न माज़ा, जिल्द 1, 81-सही --------- ✦ रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया कोई बंदा तब तक मोमीन नही हो सकता जब तक उसके वालिद और उसकी औलाद और तमाम लोगों से ज़्यादा उसके दिल में मेरी मुहब्बत ना हो जाए सही बुखारी, जिल्द 1, 15 --------- ✦ रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया कोई बंदा तब तक मोमीन नही हो सकता जब तक अपने भाई या पड़ोसी के लिए वही पसंद ना करने जो अपने लिए करता है सही मुस्लिम, जिल्द 1, 171 --------- ✦ रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया कोई बंदा उस वक़्त तक मोमीन नही हो सकता जब तक अच्छी और बुरी तक़दीर पर ईमान ना लाए यहाँ तक की वो ये यकीन ना कर ले की जो चीज़ उसको मिलने वाली थी वो उसको ही मिली किसी और के पास नही जा सकती थी और जो चीज़ उसको नही मिलने वाली थी वो किसी भी सूरत में उसको नही मिल सकती थी  जामिया तिरमिज़ी , जिल्द 2, हदीस 15-हसन

सब रोज़ो में अफ़ज़ल रमज़ान के बाद मुहर्रम के रोज़े हैं

✦ अबू हुरैरह रदी-अल्लाहू-अन्हु से रिवायत है की रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया सब रोज़ो में अफ़ज़ल रमज़ान के बाद मुहर्रम के रोज़े हैं जो अल्लाह का महीना है और बाद नमाज़ फ़र्ज़ के तहज्जूद की नमाज़ है  सही मुस्लिम , जिल्द 3, 2755  ✦ अबू हुरैरा रदी-अल्लाहू-अन्हु से रिवायत है की एक साहिब रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की खिदमत में हाज़िर होकर अर्ज़ करने लगे की रमज़ान के बाद सबसे ज़ियादा फ़ज़ीलत कौनसे रोज़ो की है तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया अल्लाह का महीना जिसे तुम मुहर्रम कहते हो.  सुनन इब्न माजा , जिल्द 1 , # 1742 - सही

इसलिए हम मुसलमान 9 मुहर्रम और 10 मुहर्रम दोनों का रोज़ा रखते हैं

 इब्न अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम जब मदीना में तशरीफ़ लाए तो आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने यहूदियो को देखा की वो आशूरा के दिन (10 मुहर्रम) का रोज़ा रखते हैं, आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने उनसे इसका सबब पूछा तो उन्होने कहा की ये एक अच्छा दिन है इस दिन अल्लाह सुबहानहु ने बनी इसराईल को उनके दुश्मन ( फिरओन ) से निजात दिलवाई थी इसलिए मूसा अलैही सलाम ने उस दिन का रोज़ा रखा था तो आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया मूसा अलैही सलाम पर तुमसे ज़्यादा हक़ हमारा है, फिर आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने भी उस दिन रोज़ा रखा और सहाबा रदी अल्लाहू अन्हुमा को भी इसका हुक्म दिया सही बुखारी, जिल्द 3, 2004 ✦ अब्दुल्लाह बिन अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की जब रोज़ा रखा रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने आशुरे के दिन (10 मुहर्रम) का और हुक़म किया इस रोज़ का, तो लोगो ने अर्ज़ की या रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ये दिन तो ऐसा है की इसकी ताज़ीम यहूद और नसारा करते हैं,तो आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया की जब अगला साल आएगा तो इंशा-अल...

उम्मुल मोमीनीन जुवेरियाह रदी अल्लाहू अन्हा से रिवायत है की

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✦ उम्मुल मोमीनीन जुवेरियाह रदी अल्लाहू अन्हा से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम सुबह को उनके पास से निकले , वो अपनी नमाज़ की जगह में सुबह की नमाज़ अदा कर रही थी, आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम वापस चाश्त के वक़्त लौटे तो देखा की वो वही बैठी हुई हैं , आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने पूछा की जब से मैं तुम्हे छोड़ कर गया था तब से क्या तुम इसी हाल में रही ? उन्होने कहा जी हाँ आपने फरमाया मैने तुम्हारे बाद चार कलमे 3 बार पढ़े , अगर इन कलमों का वजन किया जाए उन कलमों के साथ जो तुमने आज अभी तक पढ़े हैं तो यही भारी रहेंगे वो कलमे ये हैं  सुबहान अल्लाहि वा बि हमदिही अददा खलक़ीही  वा रिदा नफसिही, वा ज़िनाता अरशिही  वा मीदादा कालिमातीही तर्जुमा : मैं अल्लाह सुबहानहु की पाकी बयान करता हूँ उसकी मख्लुकात की तादाद के बराबर,और उसकी खुशी के बराबर, और उसके अर्श के वज़न के बराबर, और उसके कालीमत की सियाही (ink) के बराबर. सही मुस्लिम, जिल्द 6, 6913

अबू ज़र रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने

✦ अबू ज़र  रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम  ने फ़रमाया  की सुबह होते ही तुम में से हर एक शख्स के हर एक जोड (जायंट्स) पर सदक़ा वाजिब हो जाता है, फिर हर एक तसबीह (यानी सुबहान अल्लाह  कहना) सदक़ा है , हर एक तम्हीद  (यानी अल्हाम्दुलिल्लाह . ) सदक़ा है ,और हर एक तहलील (ला इलाहा इलअल्लाह  कहना) भी सदक़ा है और हर एक तकबीर (अल्लाहू अकबर कहना) भी सदक़ा है, (किसी को) अच्छी बात सिखाना  भी सदक़ा है और (किसी को) बुरी बात से रोकना भी सदक़ा है इन तमाम कामो की जगह चाश्त  (दूहा / अव्वाबिन) की दो रकातें  काफ़ी हो जाती हैं जिसको वो पढ़ लेता है  सही मुस्लिम, जिल्द 2, 1671 --------------------------

रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जो लोग इंसाफ़ करते हैं

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✦ रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जो लोग इंसाफ़ करते हैं वो अल्लाह सुबहानहु के यहाँ रहमान अज़व्ज़ल के दाहिनी तरफ नूर के मिम्बरों पर होंगे और ये वो लोग होंगे जो अपने घरवालों के साथ इंसाफ़करते हैं और जो काम उनको दिया जाता है उसमें इंसाफ़ करते हैं सही मुस्लिम , जिल्द 6, 4721 -------------------------- ------ ✦

उम्मत में मेरे बहुत चाहने वाले मेरे वो लोग होंगे जो मेरे बाद पैदा होंगे

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✦ अबु हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल अल्लाह सलअल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया मेरी उम्मत में मेरे बहुत चाहने वाले मेरे वो लोग होंगे जो मेरे बाद पैदा होंगे  उनमें से हर कोई ये ख्वाहिश रखेगा की काश अपने घरवालों और माल  सबको सदका कर दे और मुझे देख ले  सही मुस्लिम , जिल्द 1 ,7145 ----------- ✦

आईशा रदी अल्लाहू अन्हा से रिवायत है कि

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आईशा रदी अल्लाहू अन्हा से रिवायत है कि रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फ़रमाया जिसकी बेटियाँ हो और वो उनके साथ नेकी करे तो वो क़यामत के दिन जहन्नम से उसकी आड़ (protection) होंगी सही मुस्लिम, जिल्द 6, 6693 ✦ आईशा रदी अल्लाहू अन्हा से रिवायत है कि एक मिस्कीना (फकीर औरत) मेरे पास आई अपनी 2 बेटियों को लिए हुए मैने उसको 3 खजूरें दी उसने हर एक बेटी को एक एक खजूर दी और तीसरी खजूर खाने के लिए मुँह से लगाई इतने में उसकी बेटियों ने वो खजूर भी माँगी , उसने उस खजूर के जिसको खुद खाना चाहती थी 2 टुकड़े किए मुझे ये हाल देखकर ताज्जुब हुआ, मैने जो उसने किया था रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम से बयान किया आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया अल्लाह सुबहानहु ने इस वजह से उसके लिए जन्नत वाजिब कर दी या दोज़ख से आज़ाद कर दिया. सही मुस्लिम, 6694 ✦ मलिक रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जो दो बेटियों को पाले उनके जवान होने तक, क़यामत के दिन वो और मैं इस तरह से आएँगे और आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने अपनी उँगलियों को मिला कर बताया सही मुस...

हज़रत अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की

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✦ हज़रत अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम  ने फरमाया की  जो शख्स हथयार से अपने भाई की तरफ इशारा करे तो फरिश्ते उस पर लानत भेजते हैं जब तक की ऐसा करने से रुक ना जाए , चाहे वो उसका सगा भाई हो.  सही मुस्लिम, जिल्द 6, 6666  ✦ हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर रदी अल्लाहू अन्हुमा से रिवायत है की  रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया जिसने हम पर हथयार उठाया वो हम में से नही है  सही बुखारी, जिल्द 8, 7070  ---------- __._,_.___