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शम के वकत पधने की दुआ


बिस्मिल्लाहिर रहमानिर्रहीम
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✦ अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया शाम हो तो ये दुआ पढ़ा करो 
اللَّهُمَّ بِكَ أَمْسَيْنَا وَبِكَ أَصْبَحْنَا وَبِكَ نَحْيَى وَبِكَ نَمُوتُ وَإِلَيْكَ الْمَصِيرُ
अल्लाहुम्मा बिका अमसयना वा बिका असबहना वा बिका नहया वा बिका नमुतु वा इलयक अन-नुशुर 
या अल्लाह हमने तेरे नाम से शाम की और तेरे ही नाम से सुबह की , और तेरे ही नाम पर हम जीते हैं और तेरे ही नाम पर मरेंगे और तेरी ही तरफ लौट कर जाना है
सुनन इब्न माजा, जिल्द 3, 749-सही
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