✦ हदीस : समुरा बिन जुन्दब रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया रात में मैने दो आदमी देखे वो दोनो मेरे पास आए और मुझे बैत-उल-मुक़द्दस में ले गये फिर हम सब वहाँ से चले यहाँ तक के हम एक खून की नहर पर आए वहाँ एक शख्स (नहर के किनारे पर) खड़ा हुआ था और नहर के बीच में भी एक शख्स खड़ा हुआ था .(नहर के किनारे) खड़े होने वाले के सामने पत्थर पढ़े हुए थे, बीच नहर वाला आदमी आता और जैसे ही वो चाहता की वो बाहर निकल आए तो बाहर वाला शख्स उसके मुँह पर पत्थर खींच कर मारता और वो जहाँ था वही फिर लौट जाता, मैने अपने साथियों से पूछा की ये क्या है तो उन्होने उसका जवाब ये दिया की नहर में तुमने जिस शख्स को देखा वो सूद खाने वाला इंसान है.
सही बुखारी, जिल्द 3, 2085
✦ हदीस : जाबिर रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने लानत की है सूद (ब्याज) लेने वाले पर और सूद देने वाले पर , और सूद लिखने वाले पर और सूद के गवाहों पर और फरमाया वो सब बराबर हैं
सही मुस्लिम, जिल्द 4, 4093
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