Featured Post

सही बुखारी, जिल्द 5, 3648

✦ अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है मैने रसूल-अल्लाह सललाल्लाहू अलैही वसल्लम से अर्ज़ किया की या रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम मैने आपसे बहुत सी अहादीस आज तक सुनी है लेकिन मैं उन्हे भूल जाता हूँ , आप सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया अपनी चादर फैलाओ और आपने अपने हाथ से एक लप (चुल्लू) भर कर चादर में डाल दीया और फरमाया इसको अपने बदन से लगा लो, फिर मैने बदन से लगा लिया और उसके बाद कभी कोई हदीस नही भुला

सही बुखारी, जिल्द 5, 3648

Comments

Popular posts from this blog

Namaz mein padhe jane wala Tashahhud (Attathiyyat)

Dua e Noor-to get Noor (light) in heart and body