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सुरह अल-अस्र

✦ अल क़ुरान : अस्र की कसम, इंसान नुक़सान में हैं, मगर वो लोग जो ईमान लाए और नेक काम करते रहे 
और हक़ पर क़ायम रहने और सब्र करने की आपस में वसीयत ( ताकीद) करते रहे
सुरह अल-अस्र (103)
✦ अल-कुरान : तुम में से एक जमात ऐसी होनी चाहिए जो लोगों को नेकी की तरफ बुलाए और अच्छे काम करने का हुक्म दे और बुरे कामों से मना करे , ये लोग निजात पाने वाले हैं
सुरह आल ए इमरान (3), आयत 104
✦ हदीस : हुजैफा बिन्त अल-यमान रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया उस अल्लाह की क़सम जिसके हाथ में मेरी जान है लोगो को अच्छी बात की हिदायत करते रहो और बुरे काम से रोकते रहो वरना क़रीब है की अल्लाह सुबहानहु तुम लोगो पर अज़ाब भेज दे और तुम दुआयें माँगो और वो क़ुबूल ना करे 
जामिया तिरमिज़ी , जिल्द 2, 42-हसन

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